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    यूपी: तेजी से बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा, श्मशान घाटों पर अव्यवस्था का आलम

    JAUNPUR UPDATE NEWS

    कोरोना महामारी के बीच मुजफ्फरनगर शहर में मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। शहर के श्मशान घाटों और कब्रिस्तान में जहां प्रतिदिन पांच से दस तक शव पहुंचते थे, वहां अब एक दिन में 25 का आंकड़ा पार हो रहा है। कोरोना संक्रमितों का शव सीधे श्मशान घाट पहुंच रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं है। श्मशान घाटों पर अव्यवस्था का आलम होने से अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। श्मशान घाट के कर्मचारियों को पीपीई किट तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

    एक सप्ताह से शहर में कोरोना संक्रमितों की होने वाली मौत का आंकड़ा लोगों को डरा रहा है। शहर में सभी श्मशान घाट और कब्रिस्तान में एक दिन में पांच से दस तक शव ही पहुंचते थे, लेकिन यह संख्या अचानक कई गुना हो गई है। 19 अप्रैल को शहर में 27 लोगों के शवों का क्रियाकर्म हुआ। इनमें नईमंडी श्मशान घाट में 11, शहर में नदी घाट पर पांच और चारों कब्रिस्तानों में 11 की अंतिम क्रिया हुई। 20 अप्रैल मंगलवार को अकेले नदी घाट श्मशान घाट में दस का अंतिम संस्कार हुआ। इसी दिन चार कोरोना संक्रमित की भी अंतिम क्रिया हुई। इनमें दो नदी घाट, एक नईमंडी और एक शव सरवट कब्रिस्तान में पहुंचा। नईमंडी शमशान घाट समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना है कि वह कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार परिजनों के द्वारा बिना पीपीई किट पहने नहीं होने दे रहे हैं।

    मृतकों में 50 प्रतिशत 60 से 65 वर्ष के

    श्मशान घाट और कब्रिस्तान में जो शव पहुंच रहे हैं उनमें टोटल के 50 प्रतिशत 60 से 65 वर्ष के हैं। ये वो लोग हैं, जो अचानक बीमारी के चपेट में आए, इनकी मौत हो गई और अंतिम संस्कार हो गया। इन लोगों में 90 प्रतिशत की कोरोना की जांच ही नहीं हुई है। 25 प्रतिशत मृतक 60 साल से कम आयु के हैं और 25 प्रतिशत 65 से ऊपर की आयु के हैं।

    नई मंडी श्मशान घाट में 20 दिन में सौ अंतिम संस्कार

    भोपा रोड पर नईमंडी में स्थित श्मशान घाट में एक अप्रैल से 20 अप्रैल तक 100 अंतिम संस्कार हुए हैं। मार्च के पूरे माह में 69 और फरवरी माह में 82 लोगों का अंतिम संस्कार यहां हुआ है। यहां की देखरेख करने वाले कल्लू यादव का कहना है कि वह वर्ष 2006 से यहां पर हैं। अप्रैल माह में एक दिन में इतने शव कभी नहीं आए। 14 अप्रैल से शवों की संख्या बढ़ी है। 14 अप्रैल को यहां आठ शव आए, 15 को छह, 16 को 11, 17 को चार, 18 को सात और 19 अप्रैल के 11 शव आए। सामान्य रूप से एक से तीन शव ही इस माह में आते रहे हैं।

    नदी घाट पर एक दिन में दस दाह संस्कार

    नदी घाट स्थित शहर श्मशान घाट में मंगलवार को दो कोरोना संक्रमितों सहित दस लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। परोपकारी सेवा समिति के अजय अग्रवाल ने बताया कि 14 अप्रैल से शवों की संख्या बढ़ी है। जहां प्रतिदिन एक या दो शव आते थे, 14 अप्रैल को यहां चार शव आए। 15 को चार, 16 को तीन, 17 को चार, 18 को आठ, 19 को पांच और 20 अप्रैल को दस शव यहां पहुंचे।

    समिति सजग और लापरवाह प्रशासन

    काली नदी स्थित शहर श्मशान घाट की परोपकारी सेवा समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल का कहना है कि चार-पांच दिन से शवों की संख्या में वृद्धि के चलते शहर कोतवाल को एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, श्मशान घाट में दो होमगार्ड की व्यवस्था करें, जिससे घाट के अंदर लोगों की संख्या को सीमित किया जा सके। कोरोना संक्रमण से मृतक के साथ भी बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं, इससे खतरा बढ़ने की संभावना है। कुछ मृतक संक्रमितों के शव को एंबुलेंस से हमारे कर्मचारियों को उताराना पड़ता है, उनके लिए प्रशासन से पीपीई किट मांगी गई वह भी उपलब्ध नहीं कराई गई। सिटी मजिस्ट्रेट और शहर कोतवाल ने एप्लीकेशन ली ही नहीं है।

    प्रदूषण मुक्त शवदाह गृह में हो अंतिम संस्कार

    नदी घाट के श्मशान घाट में पूर्व मंत्री चितरंजन स्वरूप के प्रयास से आधुनिक प्रदूषण मुक्त शवदाह गृह भी बना है। सामान्य रूप से जहां चार क्विंटल लकड़ी लगती है, आधुनिक शवदाह गृह में एक क्विंटल लकड़ी लगती है। कोरोना संक्रमितों का इसमें अंतिम संस्कार किया जाए तो हर तरह खतरा समाप्त हो सकता है। प्रशासन ने कोई गाइड लाइन नहीं बनाई है।

    कब्रिस्तानों में भी बढ़ी शवों की संख्या

    शहर में चार मुख्य कब्रिस्तान हैं। इनमें गोरे गरीबां खालापार, ईदगाह, सरवट और लद्दावाला का कब्रिस्तान शामिल है। लद्दावाला कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले अखलाख ने बताया कि 16 अप्रैल को हमारे यहां दो, 17 को चार, 18 को दो, 19 को तीन शव आए। सामान्य रूप से एक या दो आते थे, किसी दिन नहीं भी आता था, अब प्रतिदिन आ रहे हैं और संख्या बढ़ी है। सरवट में कब्र की खोदाई करने वाले वकील ने बताया कि अब तो डेली शव आ रहे हैं। 16 में यहां दो, 17 में दो, 18 में तीन, 19 में तीन, बीस में दो शव आए। ईदगाह के कब्रिस्तान में 16 में दो, 17 में दो, 18 में एक, 19 में दो शव सुपुर्द खाक हुए। खालापार में अप्रैल माह में अब तक 28 शव सुपुर्द ए खाक हुए। इनमें 19 को तीन शव यहां पहुंचे, जिनमें एक कोरोना संक्रमित का था।

    बढ़ती मौत चिंता का विषय

    डीएम सेल्वा कुमारी जे का कहना है कि बढ़ती मौत चिंता का विषय है। श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में कोरोना संक्रमितों की अंतिम क्रिया को लेकर पीपीई किट उपलब्ध कराई जाएगी। अंतिम संस्कार में अधिक लोग शामिल न हो इसके लिए पुलिस की व्यवस्था भी कराई जा रही है।


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