जौनपुर, शहीद संजय सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर छलका शहीद परिवार का दर्द #JaunpurUpdate
Jaunpur Update
जौनपुर - मुख्यालय से 37 किलोमीटर पूर्वोत्तर दिशा में स्थित केराकत तहसील क्षेत्र के अंतर्गत भौरा ग्राम निवासी शहीद संजय सिंह पुत्र श्यामनारायण सिंह ने अपनी शहादत देकर वीर शहीदों के इतिहास के पन्नो में अपनी उपस्थिति को दर्ज कराई हैं श्यामनारायण सिंह के तीन पुत्रो में सबसे बड़े पुत्र शहीद संजय सिंह थे।
बताते चलें कि शहीद संजय सिंह का जन्म सन 28/ 12/1972 को भौरा ग्राम में हुआ बचपन से ही देश भक्ति का जज्बा उनके दिलों में भरा हुआ था, तत्पश्चात शहीद संजय सिंह की मेहनत रंग लाई और सी आर पी एफ में भर्ती हो कर कश्मीर के पम्पोर में कार्यरत हुए।दिनांक 25/ 06/ 2016 को पाकिस्तान द्वारा कायराना आतंकी हमला हुआ जिसमें शहीद संजय सिंह शहीद हो गए शहादत की खबर जब उनके पैतृक घर भौरा में हुई तो परिवार के साथ पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल छा गया जब तिरंगे में लिपटे शहीद बेटे का शव भौरा गॉव में आया तो शहीद बेटे को एक झलक पाने के लिए जनशैलाब उमड़ गया। लोगो ने नम आंखों से शहीद को विदाई दिए और पाकिस्तान के मुर्दाबाद के नारों से पूरा केराकत गूंज उठा ।
आज शहीद परिवार ने शहीद संजय सिंह की चौथी पुण्यतिथि मनाई इस बाबत जब शहीद संजय सिंह के पिता श्यामनारायण सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शहादत के समय शहादत की राजनीतिकरण करने के लिए हर पार्टी के लोग पहुँचते हैं। बड़े बड़े वादे भी करते है और चले जाते है श्री श्यामनारायण सिंह ने राज्य सरकार की बेरुखी के प्रति अपनी नाराजगी को जताते हुए बताये की बेटे की शहादत पर हमें गर्व होता हैं। शहीद का पिता होने पर हमें नाज है।
उन्होंने बताया कि तत्तकालीन सांसद रामचरित्र निसाद ने शहीद की पत्नी यानी हमारी बहु के नाम पर पेट्रोल पंप या नौकरी दिलाने का वादा किये पर दुर्भाग्य है की आज चार साल का दिन गुजर गया अभी तक कुछ भी नही किया गया ,बेटे के नाम तालाब का नामकरण, मार्ग का नामकरण व मूर्ति की स्थापना की गई यहां तक कि गेट के सम्बंध में मैंने तहसील से लेकर जिले तक ज्ञापन दिए मगर आज तक न ही शासन व जनप्रतिनिधियों की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई पहल नही की गई श्री श्यामनारायण सिंह ने बताया कि जब तक मेरे शरीर मे सांस रहेगी जब तक शहीद बेटे के सम्मान के लिए तहसील से जिले तक का चक्कर काटता रहूंगा।
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर जनप्रतिनिधि ऐसे वादे ही क्यों करते है जिसे पूरा ही नही किया जा सकता हो जहाँ सरकार शहीद हुए जवानों को लेकर बड़े बड़े वादे करती हैं। वही संजय सिंह के शहादत को शासन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की नजर में क्यो नही आता हैं क्या हमें केवल 15 अगस्त 26 जबवरी कारगिल विजय दिवस पर ही केवल शहीदों को याद करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि हैं।
जौनपुर - मुख्यालय से 37 किलोमीटर पूर्वोत्तर दिशा में स्थित केराकत तहसील क्षेत्र के अंतर्गत भौरा ग्राम निवासी शहीद संजय सिंह पुत्र श्यामनारायण सिंह ने अपनी शहादत देकर वीर शहीदों के इतिहास के पन्नो में अपनी उपस्थिति को दर्ज कराई हैं श्यामनारायण सिंह के तीन पुत्रो में सबसे बड़े पुत्र शहीद संजय सिंह थे।
बताते चलें कि शहीद संजय सिंह का जन्म सन 28/ 12/1972 को भौरा ग्राम में हुआ बचपन से ही देश भक्ति का जज्बा उनके दिलों में भरा हुआ था, तत्पश्चात शहीद संजय सिंह की मेहनत रंग लाई और सी आर पी एफ में भर्ती हो कर कश्मीर के पम्पोर में कार्यरत हुए।दिनांक 25/ 06/ 2016 को पाकिस्तान द्वारा कायराना आतंकी हमला हुआ जिसमें शहीद संजय सिंह शहीद हो गए शहादत की खबर जब उनके पैतृक घर भौरा में हुई तो परिवार के साथ पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल छा गया जब तिरंगे में लिपटे शहीद बेटे का शव भौरा गॉव में आया तो शहीद बेटे को एक झलक पाने के लिए जनशैलाब उमड़ गया। लोगो ने नम आंखों से शहीद को विदाई दिए और पाकिस्तान के मुर्दाबाद के नारों से पूरा केराकत गूंज उठा ।
आज शहीद परिवार ने शहीद संजय सिंह की चौथी पुण्यतिथि मनाई इस बाबत जब शहीद संजय सिंह के पिता श्यामनारायण सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शहादत के समय शहादत की राजनीतिकरण करने के लिए हर पार्टी के लोग पहुँचते हैं। बड़े बड़े वादे भी करते है और चले जाते है श्री श्यामनारायण सिंह ने राज्य सरकार की बेरुखी के प्रति अपनी नाराजगी को जताते हुए बताये की बेटे की शहादत पर हमें गर्व होता हैं। शहीद का पिता होने पर हमें नाज है।
उन्होंने बताया कि तत्तकालीन सांसद रामचरित्र निसाद ने शहीद की पत्नी यानी हमारी बहु के नाम पर पेट्रोल पंप या नौकरी दिलाने का वादा किये पर दुर्भाग्य है की आज चार साल का दिन गुजर गया अभी तक कुछ भी नही किया गया ,बेटे के नाम तालाब का नामकरण, मार्ग का नामकरण व मूर्ति की स्थापना की गई यहां तक कि गेट के सम्बंध में मैंने तहसील से लेकर जिले तक ज्ञापन दिए मगर आज तक न ही शासन व जनप्रतिनिधियों की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई पहल नही की गई श्री श्यामनारायण सिंह ने बताया कि जब तक मेरे शरीर मे सांस रहेगी जब तक शहीद बेटे के सम्मान के लिए तहसील से जिले तक का चक्कर काटता रहूंगा।
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर जनप्रतिनिधि ऐसे वादे ही क्यों करते है जिसे पूरा ही नही किया जा सकता हो जहाँ सरकार शहीद हुए जवानों को लेकर बड़े बड़े वादे करती हैं। वही संजय सिंह के शहादत को शासन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की नजर में क्यो नही आता हैं क्या हमें केवल 15 अगस्त 26 जबवरी कारगिल विजय दिवस पर ही केवल शहीदों को याद करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि हैं।
Ad



No comments
Jaunpur Update News For Advisement Contect Us
विज्ञापन के लिये संपर्क करे Jaunpur Update News Portal
----------------------------------
हमारे न्यूज पोर्टल पर सस्ते दर पर कराएं विज्ञापन।
सम्पर्क करें: मो. 8299305423 , 9451220345
------------------------------
Jaunpur Update न्यूज पोर्टल
www.jaunpurupdate.com
डिजिटल खबर एवं विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें।
मो. 8299305423 , 9451220345
जौनपुर के लोगों ने अपना भरपूर सहयोग और प्यार देकर जौनपुर अपडेट को जौनपुर का सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला न्यूज पोर्टल बना दिया है।