• Breaking News

    Unique Specs 2020: बिना सिर घुमाए देख सकेंगे पीछे

    अभी तक आपने अपनी गाड़ी के साइड मिरर से पीछे आ रहे वाहनों को देखा होगा, लेकिन अब आप अपने चश्मे से भी पीछे का देख सकते हैं। पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले की 12वीं की छात्रा दिगंतिका बोस ने एक अनूठा चश्मा बनाया है। इस चश्मे से आगे के साथ-साथ बिना सिर घुमाए पीछे के भी दृश्य देख सकते हैं। इस बाल विज्ञानी की खोज को काफी तारीफ मिल रही है। इसे पेटेंट कराने का आवेदन दे दिया गया है। हालांकि नेत्र विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे चश्मे को अभी कई प्रयोगों से गुजरने के बाद आम लोगों के लिए उपयोग में लाना चाहिए।

    चश्मा बनाने में आया मात्र 100 ₹ खर्च

    मेमारी में स्थित वीएम इंस्टीट्यूशन यूनिट-दो की छात्रा दिगंतिका बोस ने कहा कि इस खास चश्मे को बनाने में सिर्फ 100 रुपए खर्च हुए हैं। चश्मे के दोनों लेंस के अगल-बगल कमानी से अटैच करते हुए दिगंतिका ने सिर के पीछे के दृश्य देखने के लिए भी दो अतिरिक्त लेंस लगाए हैं। यह ठीक वैसे ही हैं, जैसे गाड़ियों में पीछे के दृश्य देखने के लिए साइड मिरर लगे होते हैं।

    पीछे के दृश्य ऐसे दिखाता है चश्मा

    आम तौर पर जब हमें अपने पीछे देखने की जरूरत होती है तो गर्दन व शरीर को पीछे की ओर मोड़ना मोड़ते हैं। इस चश्मे का प्रयोग करने पर सिर घुमाने की जरूरत नहीं होगी और बिना पीछे मुड़े ही पीछे की गतिविधियों को देख सकेंगे। खास कर जंगल के क्षेत्र से गुजरने के दौरान हम इस चश्मे की मदद से जंगली जानवरों पर नजर रख सकते हैं। दिगंतिका ने इस चश्मे में उत्तल दर्पण का प्रयोग किया है। इसकी उभरी सतह परावर्तक तल का काम करती है, जिसकी अंदरूनी सतह पर पालिश चढ़ी होती है।

    चश्मा लगाकर 124 डिग्री पीछे देख सकेंगे

    दिगंतिका ने बताया कि सामान्य तौर पर मनुष्य अपने सामने और बाएं-दाएं 124 डिग्री के कोण तक ही देख पाता है। लेकिन इससे 124 डिग्री पीछे की ओर भी देखा जा सकेगा। आंखों के रेटिना की हरकत बढ़ाने पर या शरीर को थोड़ा घुमाने पर इससे और भी ज्यादा देख सकेंगे। दर्पण का फोकस काफी कम होता है, इसलिए आंख से डेढ़ इंच की दूरी पर चश्मे में इसे फिक्स करने की व्यवस्था की गई है

    सुंदरवन घूमने गई थी, तब आया ऐसा चश्मा बनाने का विचार

    दिगंतिका ने कहा कि कुछ समय पहले सुंदरवन गई थी। वहां उसने सुना कि सुंदरवन में अक्सर बाघ पीछे से हमला कर देता है। तब इस समस्या के समाधान का विचार आया। इसी वर्ष अक्टूबर में रिजनल साइंस सेंटर भोपाल ने ऑनलाइन इनोवेटिव साइंस मॉडल कांटेस्ट का आयोजन किया था, जिसमें सभी ने इसकी सराहना की।

    - छात्रा के इनोवेशन की सराहना करता हूं। यह एक नई सोच है। वैसे इसका प्रयोग कितना सफल और आंखों के लिए कितना सुरक्षित होगा, यह परीक्षण से तय होगा। आम तौर पर इंसान सामने दोनों आंखों से देखने का अभ्यस्त होता है। व्यापक पैमाने पर इस चश्मे के इस्तेमाल के पहले इसका परीक्षण होना चाहिए।

    -डा. अरुण कुमार, वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक, रांची

    दिगंतिका ने शानदार चश्मा बनाया है। यह चश्मा जंगल में भ्रमण के दौरान बेहद कारगर होगा। पीछे देखने के लिए अन्य जगह भी इसका प्रयोग हो सकता है।

    -सुब्रत मुखर्जी, प्राचार्य, वीएम इंस्टीट्यूशन यूनिट दो

    ad

    No comments

    Jaunpur Update News For Advisement Contect Us

    विज्ञापन के लिये संपर्क करे Jaunpur Update News Portal
    ----------------------------------
    हमारे न्यूज पोर्टल पर सस्ते दर पर कराएं विज्ञापन।
    सम्पर्क करें: मो. 8299305423 , 9451220345
    ------------------------------
    Jaunpur Update न्यूज पोर्टल

    www.jaunpurupdate.com
    डिजिटल खबर एवं विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें।
    मो. 8299305423 , 9451220345

    जौनपुर के लोगों ने अपना भरपूर सहयोग और प्यार देकर जौनपुर अपडेट को जौनपुर का सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला न्यूज पोर्टल बना दिया है।

    Post Top Ad

    Post Bottom Ad